ग्रामीण इलाके में खूब चल रहा है भूत प्रेत तांत्रिक ओझा का खेल
ग्रामीण इलाके में खूब चल रहा है भूत प्रेत तांत्रिक ओझा का खेल
गांव देहात में दसई को लेकर भूत प्रेत, तंत्र मंत्र, तांत्रिक ओझा के खेल देखने पहुंचते हैं लोग, विज्ञान युग में भी अंधविश्वास कायम
महुआ। रेणु सिंह
नवरात्र को लेकर गांव देहात में भूत प्रेत का खेल अभी खूब चल रहा है। विभिन्न बस्तियों में ओझा-तांत्रिक अपना तंत्र विद्या की सिद्धि करने में लगे हैं। जहां पर भूत प्रेत से ग्रसित लोग पहुंच रहे हैं। शाम ढलने के साथ ही मृदंग की थाप के बीच ओझा तांत्रिकों का खेल शुरू हो जा रहा है। विज्ञान युग में भी यह अंधविश्वास कायम है।
रविवार को महुआ के विभिन्न दलित और महादलित बस्तियों में ओझा तांत्रिकों का सिद्धि देवकूर लगाया गया। इस समय देवकूर के पास ग्रामीण क्षेत्र की ज्यादातर महिलाएं पहुंचकर भूत प्रेत का खेल कर रही हैं। बताया जाता है कि नवरात्रि का 9 दिन दसईं के नाम से जाना जाता है। ग्रामीण इलाके के सीधे-साधे लोगों का मानना है कि इस दसई में भूत प्रेत खुले होते हैं। इस मनोरोग से ज्यादातर महिलाएं ग्रसित हैं और वह ओझा तांत्रिकों के पास पहुंच रहे हैं। ओझा तांत्रिकों द्वारा लगाए जा रहे देवकूर में भूत प्रेत से ग्रसित लोग पहुंच रहे हैं। इस समय ओझाओं के जादुई छड़ी से भूत प्रेत दूर हो रहे हैं। इधर डॉ महेश चौधरी डॉ केसी विद्यार्थी का कहना है कि भूत प्रेत, तंत्र-मंत्र, ओझा-तांत्रिक सब मनोरोग है। यह मनोरोग ज्यादातर गांव देहात की सीधी साधी और असाक्षर महिलाओं में होती है। विज्ञान कर्मियों ने यह भी बताया कि महिलाएं समझती हैं कि इस समय भूत-प्रेत खुले होते हैं और वह जकर लेते हैं। ऐसी भूत प्रेत से ग्रषित महिलाओं को बैठाकर एक ग्लास पानी पिलाएं। वह स्वत: ठीक हो जाएगी। अज्ञानता के कारण भूत प्रेत, तांत्रिक ओझा, तंत्र मंत्र में ग्रामीण परिवेश के लोग समय गवांते हैं। जिससे नुकसान उठाना पड़ता है।
प्रस्तुति: रेणु सिंह महुआ
