वैशाली में संचालित डॉ सी वी रमन यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित, अधर में फंसी विद्यार्थियों का भविष्य ।
वैशाली में संचालित डॉ सी वी रमन यूनिवर्सिटी डिफाल्टर घोषित, अधर में फंसी विद्यार्थियों का भविष्य ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
हाजीपुर (वैशाली) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने बिहार के तीन यूनिवर्सिटी को डिफाल्टर घोषित किया ।जिसमें एमिटी यूनिवर्सिटी बेली रोड पटना ,डॉक्टर सी सी रमन यूनिवर्सिटी भगवानपुर वैशाली एवं संदीप यूनिवर्सिटी मधुबनी शामिल है। साथ ही साथ यूजीसी ने साफ-साफ कहा की इन तीन यूनिवर्सिटी से डिग्री द्वारा छात्र-छात्राओं का आगे परेशानी होगी। ग्रांट कमीशन ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले छात्र अभिभावक उस यूनिवर्सिटी की मान्यता की जरूर जांच कर ले, उसके बाद ही इसमें एडमिशन कराए। यूजीसी के मुताबिक निजी विश्वविद्यालय को तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज समय सीमा के भीतर जमा करने थे ,पर निर्धारित समय बीतने के बाद भी विश्वविद्यालय ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आयोग ने सभी को कारण बताओं नोटिस जारी किया। यूजीसी का कहना है कि निजी विश्वविद्यालय को हर साल तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज जमा करना होता है। इसमें नामांकन संबंधित विवरण, डिग्री की मान्यता, शैक्षणिक गतिविधियों और फैकल्टी की स्थिति शामिल होती है लेकिन विश्वविद्यालयों ने ऐसा नहीं किया। यूजीसी ने विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट की जांच में पाया कि कई विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट को समय पर जानकारी अपडेट नहीं की ।यूजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय अभी भी नियमों का पालन नहीं करते तो उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी ।इसमें विश्वविद्यालय की मान्यता निरस्त करने से लेकर प्रवेश प्रक्रिया रोकने तक की कदम उठाए जा सकते हैं। बताते चलें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी ने देश के 54 निजी विश्वविद्यालय को कारण बताओं नोटिस जारी किया है , इसमें बिहार के तीन निजी विश्वविद्यालय भी शामिल है।पारदर्शिता के जुड़े नए नियम का पालन नहीं करने के चलते यह कदम उठाया गया है ।जून 2024 में लागू किए गए इन नियमों को तहत विश्वविद्यालय को अपनी वेबसाइट पर जानकारी सार्वजनिक करनी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यूजीसी ने राज्य के तीन निजी विश्वविद्यालय को डिफाल्टर किए श्रेणी में शामिल किया है ,इसमें एमिटी यूनिवर्सिटी पटना ,डॉक्टर सी सी रमन यूनिवर्सिटी वैशाली और संदीप यूनिवर्सिटी मधुबनी शामिल है। अब बड़ा सवाल यह है कि गलती यूनिवर्सिटी करें और इसका भूतभोगी विद्यार्थी हो ,यह कहां का न्याय है ।ऐसे यूनिवर्सिटी पर करी से करी कार्रवाई होना चाहिए जो विद्यार्थियों के भविष्य खिलवाड़ करते हैं।
