May 2, 2026

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भारत हर साल 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाता है.

विकसित भारत की कल्पना शिक्षा के बिना मुमकिन नहीं: कसीम इमाम, उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुर बघौनी पूर्वी बालक में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

रिपोर्ट:अब्दुल क़ादिर, ताजपुर समस्तीपुर

ताजपुर / समस्तीपुर ,भारत, हर साल 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाता है. दरअसल, देश के पहले शिक्षा मंत्री और भारत की आधुनिक शिक्षा प्रणाली के मुख्य निर्माताओं में से एक मौलाना अबुल कलाम आजाद को सम्मान देने के लिए उनकी जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है. उक्त बातें उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुर बघौनी पूर्वी बालक के प्रधानाचार्य कसीम इमाम ने राष्टीय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 सिर्फ एक दूरदर्शी नेता को श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य को आकार देने में शिक्षा की शक्ति की भी याद दिलाता है. यह दिन मौलाना अबुल कलाम आजाद के इस विश्वास को उजागर करता है कि शिक्षा ही स्वतंत्रता और प्रगति की सच्ची नींव है। सहायक शिक्षक सरफराज फाजिलपूरी ने कहा कि 11 नवंबर 1888 को मक्का में जन्मे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद एक प्रख्यात विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी और विचारक थे। प्रारंभिक शिक्षा अरबी, फ़ारसी और इस्लामी धर्मशास्त्र में प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने पश्चिमी दर्शन और विज्ञान में गहरी रुचि ली, जिसने उनके आधुनिक दृष्टिकोण को आकार दिया। वे पत्रकारिता के माध्यम से औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले अग्रदूतों में से थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान असाधारण था, और स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा दी।मौलाना आज़ाद के कार्यकाल में भारत के कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की नींव रखी गई। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग , भारतीय प्रौद्योगिकी संस्था, भारतीय विज्ञान संस्थान और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद जैसी संस्थाओं की स्थापना में निर्णायक भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय भाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने, सांस्कृतिक संस्थानों को सशक्त करने और शिक्षा को सामाजिक न्याय का आधार बनाने पर बल दिया। उनके प्रयासों से साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी और संगीत नाटक अकादमी जैसी संस्थाओं की स्थापना हुई, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक आत्मा को संरक्षित रखा। मौलाना अबुल कलाम आजाद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए गए और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शिक्षक मोबाशीर हुसैन, तौक़ीर आलम, मनीष कुमार, विद्यानंद कुमार, अजीत कुमार, विकास कुमार, इंद्रजीत कुमार, रेहाना बेगम, मिताली, आयुषी वर्मा, आंचल, पुष्पम, श्रुति आर्या, स्नेहा, चांदनी प्रवीण, प्रियंका कुमारी, सुरुचि, प्रियांशु, मीनू भारती, पम्मी, सविता, मानवी निधि आदि मौजूद थीं।

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