बिहार चुनाव पर इरफान जामियावाला की प्रतिक्रिया
बिहार चुनाव पर इरफान जामियावाला की प्रतिक्रिया
पटना, बिहार में विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुके हैं और परिणाम 14 नवम्बर को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, बिहार के प्रसिद्ध मुस्लिम समाजसेवी, चिंतक और पसमांदा आंदोलन के राष्ट्रीय नेता इरफान अली जामियावाला ने राहुल गांधी की सकारात्मक राजनीति और उनकी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की खुलकर सराहना की है।
इरफान जामियावाला ने कहा कि “राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के माध्यम से देश के गरीब, पिछड़े, ओबीसी और मुस्लिम वर्ग की आवाज़ को फिर से ज़िंदा किया। सरकार के तमाम विरोध और साजिशों के बावजूद, उच्चतम न्यायालय ने ‘आधार कार्ड’ को पहचान पत्र के रूप में मान्यता दी — जिससे करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर सूची से काटने की कोशिश नाकाम रही। हालांकि लगभग 80 लाख लोगों के नाम अब भी सूची से हटाए गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “राहुल गांधी की यह यात्रा एक नई उम्मीद लेकर आई, जिसने समाज के गरीब तबकों को जोड़ने का काम किया। गांधी के रास्ते पर चलने वाले और संवैधानिक मूल्यों को बचाने वाले नेता के रूप में राहुल गांधी की छवि मज़बूत हुई है।”
हालांकि, इरफान जामियावाला ने यह भी स्पष्ट किया कि “राहुल गांधी ने अब तक दलित मुसलमानों या अनुच्छेद 341(3) से जुड़ी ऐतिहासिक गलती पर कोई ठोस बात नहीं की है। कांग्रेस को चाहिए कि वह अपनी पुरानी भूल स्वीकार करे और पसमांदा मुसलमानों को अनुसूचित जाति के आरक्षण तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उनका हक़ दे।”
उन्होंने कहा कि “देश में असली न्याय तभी स्थापित होगा जब धर्म के आधार पर वंचित मुसलमानों को भी वही संवैधानिक अधिकार मिलेंगे जो उनके हिंदू भाईयों को मिलते हैं। पसमांदा मुसलमानों की आवाज़ को मुख्यधारा की राजनीति में शामिल किए बिना सामाजिक न्याय अधूरा है।”
